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काला सागर में बंदरगाहों पर व्यवधान से CBOT गेहूं वायदा में उछाल

Summary
रूस और यूक्रेन के बीच हालिया हमलों के बाद काला सागर क्षेत्र में अनाज लदान संबंधी चिंताओं के कारण शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर गेहूं वायदा की कीमतों में एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर गेहूं वायदा की कीमतों में बुधवार को उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण काला सागर क्षेत्र में आपूर्ति को लेकर बढ़ती चिंताएं हैं। रूस और यूक्रेन के बीच हालिया हमलों के बाद प्रमुख बंदरगाहों पर अनाज लदान का काम लगभग ठप हो गया है, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल है।
आपूर्ति संबंधी प्रमुख चिंताएं
बाजार की धारणा मुख्य रूप से काला सागर क्षेत्र के घटनाक्रमों से प्रभावित हो रही है। रूस के मुख्य काला सागर निर्यात बंदरगाह, नोवोरोस्सियस्क में स्थित तीन अनाज टर्मिनलों में से एक, NKHP ने घोषणा की है कि मरम्मत कार्यों में चार महीने तक का समय लग सकता है।
इसके अलावा, यूक्रेन के राज्य मौसम पूर्वानुमानकर्ताओं ने बताया है कि देश के एक बड़े हिस्से में सूखे की स्थिति सर्दियों की फसल की बुवाई के लिए प्रतिकूल माहौल बना रही है। मक्के की कीमतों में मजबूती से भी गेहूं बाजार को समर्थन मिला है।
वायदा कीमतों पर असर
इन चिंताओं के कारण, बेंचमार्क CBOT दिसंबर गेहूं अनुबंध $7.19-1/4 प्रति बुशेल पर पहुंच गया, जो एक महीने में इसका उच्चतम स्तर है। सबसे सक्रिय अनुबंध के निरंतर चार्ट पर, यह कीमत मई 2024 के बाद से सबसे अधिक है।
Adविभिन्न गेहूं अनुबंधों में निम्नलिखित हलचल देखी गई:
- CBOT दिसंबर सॉफ्ट रेड विंटर गेहूं 12-1/4 सेंट बढ़कर $7.15-1/2 प्रति बुशेल पर था।
- कैनसस सिटी दिसंबर हार्ड रेड विंटर गेहूं 11-1/2 सेंट चढ़कर $7.82-1/4 प्रति बुशेल पर पहुंच गया।
- मिनियापोलिस दिसंबर स्प्रिंग गेहूं 8-1/2 सेंट की बढ़त के साथ $7.28-1/2 प्रति बुशेल पर कारोबार कर रहा था।
बाजार का दृष्टिकोण
काला सागर क्षेत्र वैश्विक गेहूं आपूर्ति के लिए महत्वपूर्ण है, और यहां किसी भी तरह का व्यवधान सीधे तौर पर वैश्विक कीमतों को प्रभावित करता है। जब तक इस क्षेत्र में भू-राजनीतिक तनाव और आपूर्ति श्रृंखला की बाधाएं बनी रहती हैं, तब तक गेहूं की कीमतों में अस्थिरता जारी रहने की उम्मीद है। निवेशक स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रहे हैं क्योंकि लंबे समय तक व्यवधान से वैश्विक खाद्य सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।