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तेल की कीमतों में उछाल से कनाडाई डॉलर एक महीने के उच्चतम स्तर पर

Summary
कच्चे तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदें कम होने से कनाडाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
शुक्रवार को तेल की कीमतों में आई तेजी और अमेरिकी मुद्रास्फीति के हालिया आंकड़ों के कारण कनाडाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले एक महीने के अपने सबसे मजबूत स्तर पर पहुंच गया। इन आंकड़ों ने अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों को कम कर दिया है।
तेल की कीमतों का मिला सहारा
कनाडा के प्रमुख निर्यातों में से एक, तेल की कीमतों में वृद्धि ने 'लूनी' (कनाडाई डॉलर का उपनाम) को महत्वपूर्ण समर्थन प्रदान किया। अमेरिकी क्रूड ऑयल वायदा 4.5% की बढ़त के साथ $82.49 प्रति बैरल पर बंद हुआ। यह वृद्धि अमेरिका और ईरान के बीच खाड़ी में बढ़े तनाव के बाद इस सप्ताह की बढ़त को और आगे बढ़ाती है।
बाजार के प्रमुख आंकड़े
ट्रेडिंग के दौरान, कनाडाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 0.2% मजबूत होकर 1.4015 (या 71.35 अमेरिकी सेंट) पर कारोबार कर रहा था।
Ad- दिन के दौरान यह 1.4006 के स्तर पर पहुंच गया, जो 17 जून के बाद का सबसे मजबूत स्तर है।
- इस सप्ताह मुद्रा में 1% की बढ़त दर्ज की गई, जो अप्रैल के बाद से सबसे बड़ी साप्ताहिक बढ़त है।
अमेरिकी डॉलर में नरमी का असर
कनाडाई डॉलर की मजबूती का एक अन्य कारण अमेरिकी डॉलर में आई कमजोरी भी है। अमेरिका में हाल ही में जारी मुद्रास्फीति के आंकड़ों ने निवेशकों की यह उम्मीद कम कर दी है कि फेडरल रिजर्व आक्रामक रूप से ब्याज दरें बढ़ाएगा। इसके परिणामस्वरूप, कनाडा और अमेरिका के 2-वर्षीय बॉन्ड यील्ड के बीच का अंतर भी कम होकर 16 जून के बाद के सबसे निचले स्तर पर आ गया, जिससे कनाडाई डॉलर पर दबाव कम हुआ।