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एयरबस को €3 बिलियन के ऋण पर बोइंग चिंतित, अमेरिका से हस्तक्षेप का आग्रह

Summary
अमेरिकी एयरोस्पेस कंपनी बोइंग ने अपनी यूरोपीय प्रतिद्वंद्वी एयरबस को दिए गए €3 बिलियन के ऋण पर पारदर्शिता के लिए यूरोपीय संघ पर दबाव डालने हेतु अमेरिकी सरकार से आग्रह किया है। यह कदम विमान सब्सिडी पर हाल ही में बढ़ाए गए टैरिफ समझौते को लेकर व्यापारिक तनाव फिर से बढ़ा सकता है।
अमेरिकी एयरोस्पेस दिग्गज बोइंग ने अपनी प्रतिद्वंद्वी एयरबस को यूरोपीय निवेश बैंक (EIB) द्वारा दिए गए €3 बिलियन ($3.43 बिलियन) के ऋण पैकेज को लेकर अमेरिकी सरकार से हस्तक्षेप की मांग की है। यह कदम विमान सब्सिडी को लेकर अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को फिर से हवा दे सकता है।
क्या है पूरा मामला?
रॉयटर्स द्वारा देखे गए एक पत्र में, बोइंग ने अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि (USTR) जैमिसन ग्रीर से इस मामले पर यूरोपीय संघ से स्पष्टीकरण मांगने का आग्रह किया है। पत्र के अनुसार, 29 जून को EIB द्वारा इस ऋण की घोषणा से बोइंग को "आश्चर्य" हुआ, क्योंकि यह घोषणा यूरोपीय संघ द्वारा टैरिफ समझौते को बढ़ाने के ठीक चार दिन बाद की गई थी।
बोइंग ने USTR से अनुरोध किया है कि वह यूरोपीय संघ से "इस ऋण की शर्तों का पूरा लेखा-जोखा" मांगे। कंपनी यह भी जानना चाहती है कि यह ऋण 2021 के उस समझौते के साथ कैसे संगत है, जिसमें विमान सब्सिडी पर विवाद को लेकर "खुली और पारदर्शी प्रक्रिया" का आह्वान किया गया था।
विभिन्न पक्षों की प्रतिक्रिया
इस मामले पर, यूरोपीय संघ की ऋण देने वाली शाखा, यूरोपीय निवेश बैंक ने एयरबस को कोई असामान्य सहायता देने से इनकार किया है। EIB के एक प्रवक्ता ने कहा, "यह एक सामान्य, ब्याज वाला ऋण है, जो EIB की समग्र वित्तपोषण गतिविधि का हिस्सा है।"
Adरॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, एयरबस और बोइंग दोनों ने इस मुद्दे पर आधिकारिक रूप से टिप्पणी करने से इनकार कर दिया है। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय और यूरोपीय आयोग ने भी टिप्पणी के अनुरोधों का तुरंत जवाब नहीं दिया।
सब्सिडी विवाद का संदर्भ
यह घटनाक्रम निवेशकों और बाजारों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह अमेरिका और यूरोपीय संघ के बीच विमान सब्सिडी को लेकर दशकों पुराने विवाद को फिर से सतह पर लाता है। इस विवाद के कारण दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के सामानों पर अरबों डॉलर के टैरिफ लगाए थे।
2021 में, दोनों पक्षों ने इस विवाद को रोकने के लिए एक समझौता किया था, जिसे हाल ही में आगे बढ़ाया गया था। बोइंग की यह नई आपत्ति उस नाजुक शांति को खतरे में डाल सकती है और वैश्विक एयरोस्पेस उद्योग में फिर से अनिश्चितता पैदा कर सकती है।