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बिटकॉइन $60,000 के पार, लेकिन तिमाही घाटे की ओर अग्रसर

Summary
हालिया बढ़त के बावजूद, दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी लगातार ईटीएफ से निकासी और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के कारण लगातार दूसरी तिमाही में घाटे की ओर बढ़ रही है।
सोमवार को बिटकॉइन की कीमत में थोड़ी बढ़ोतरी हुई और यह $60,000 के स्तर को पार कर गई। हालाँकि, यह मामूली उछाल एक बड़े रुझान को छिपा नहीं सका, क्योंकि दुनिया की सबसे बड़ी क्रिप्टोकरेंसी लगातार दूसरी तिमाही में घाटे की ओर बढ़ रही है। आंकड़ों के अनुसार, बिटकॉइन इस तिमाही में लगभग 13% की गिरावट के लिए तैयार है, जो इसके इतिहास में लगातार दो तिमाही घाटे का केवल तीसरा उदाहरण होगा।
निवेशकों की धारणा पर अमेरिकी स्पॉट बिटकॉइन एक्सचेंज-ट्रेडेड फंड (ईटीएफ) से लगातार हो रही निकासी का गहरा असर पड़ा है। आंकड़ों के मुताबिक, अमेरिका में सूचीबद्ध बिटकॉइन फंडों में लगातार सातवें सप्ताह शुद्ध निकासी दर्ज की गई। पिछले सप्ताह इन उत्पादों से लगभग 1.8 बिलियन डॉलर निकाले गए, जबकि कुल मासिक निकासी 4 बिलियन डॉलर से अधिक हो गई है, जो संस्थागत मांग में कमजोरी का संकेत है।
क्रिप्टोकरेंसी पर अमेरिकी डॉलर की मजबूती और इस उम्मीद का भी दबाव है कि फेडरल रिजर्व मौद्रिक नीति को लंबे समय तक सख्त रख सकता है। हाल के आर्थिक आंकड़ों ने लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति और मजबूत श्रम-बाजार की ओर इशारा किया है, जिससे बाजार में इस साल दरों में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ गई है।
Adबिटकॉइन के रुझान का असर अन्य क्रिप्टोकरेंसी पर भी दिखा। सोमवार को अधिकांश प्रमुख ऑल्टकॉइन्स में भी बिटकॉइन के साथ तेजी देखी गई। दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी क्रिप्टो, इथेरियम, के साथ-साथ एक्सआरपी, सोलाना और कार्डानो जैसी अन्य प्रमुख मुद्राओं में भी बढ़त दर्ज की गई।