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बिटकॉइन $65,000 के करीब, अमेरिकी क्रिप्टो 'क्लैरिटी एक्ट' पर बाजार की नजर

बिटकॉइन की कीमत गुरुवार को थोड़ी गिरावट के साथ $65,000 के महत्वपूर्ण स्तर के आसपास बनी रही, क्योंकि बाजार अमेरिका में एक प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी रेगुलेशन बिल की प्रगति पर बारीकी से नजर रख रहा है। हालांकि कीमत में मामूली कमी आई, लेकिन यह अपने हाल के पांच-सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब कारोबार कर रही है।
## अमेरिकी रेगुलेशन पर फोकस
क्रिप्टो बाजार का ध्यान वाशिंगटन में प्रसारित हो रहे 'क्लैरिटी एक्ट' के एक नए मसौदे पर केंद्रित है। जानकारों का मानना है कि यह लंबे समय से अटके इस बिल को सीनेट में वोटिंग के लिए आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
इस नए मसौदे में एक महत्वपूर्ण नैतिक प्रावधान शामिल है जो राष्ट्रपति और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को क्रिप्टोकरेंसी क्षेत्र में हितों के टकराव से रोकता है। Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, यह प्रावधान 2029 में समाप्त हो जाएगा और नियामकों को इसे लागू करने के लिए एक साल का समय मिलेगा। यह प्रावधान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के वित्तीय खुलासों के बाद आया है, जिसमें क्रिप्टो-संबंधित हितों से $1 बिलियन से अधिक का लाभ दिखाया गया था।
यह बिल 'ब्लॉकचेन रेगुलेटरी सर्टेंटी एक्ट' के प्रावधानों को भी बरकरार रखता है, जो उन डेवलपर्स को छूट देता है जो उपयोगकर्ताओं की संपत्ति को नियंत्रित नहीं करते हैं। इसका मुख्य उद्देश्य अमेरिका में क्रिप्टोकरेंसी के लिए एक व्यापक नियामक ढांचा स्थापित करना है।
## बाजार की चाल और अन्य घटनाक्रम
Adगुरुवार को अमेरिकी पूर्वी समयानुसार सुबह 9:46 बजे, बिटकॉइन 1.3% की गिरावट के साथ $65,093.3 पर कारोबार कर रहा था। अन्य प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी में भी इसी तरह की नरमी देखी गई:
- इथेरियम (Ethereum): 1.9% गिरकर $1,903.24 पर आ गया।
- XRP: 2.6% नीचे था।
- सोलाना (Solana) और कार्डानो (Cardano) में क्रमशः 1.3% और 2.2% की गिरावट आई।
इसी बीच, क्रिप्टो एक्सचेंज BitMEX ने इस साल सितंबर में अपना परिचालन बंद करने की घोषणा की है। कंपनी ने इसे "व्यापार और व्यापक क्रिप्टो उद्योग की रणनीतिक समीक्षा" का परिणाम बताया। उपयोगकर्ताओं को अपनी संपत्ति निकालने के लिए 23 सितंबर तक का समय दिया गया है।
## निवेशकों के लिए निहितार्थ
अमेरिका में नियामक स्पष्टता की दिशा में कोई भी प्रगति वैश्विक क्रिप्टो बाजार के लिए एक महत्वपूर्ण संकेतक है। 'क्लैरिटी एक्ट' जैसे कानून का पारित होना अनिश्चितता को कम कर सकता है और संस्थागत निवेशकों को आकर्षित कर सकता है। हालांकि, विधायी प्रक्रिया में देरी और मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव जैसे कारक बाजार की तेजी पर लगाम लगा सकते हैं, जिससे निवेशकों के बीच सतर्कता का माहौल बना हुआ है।