Story
अंगोला ने युआन को बैंकों के लिए स्वीकृत आरक्षित मुद्राओं में शामिल किया

अंगोला के केंद्रीय बैंक ने एक महत्वपूर्ण नीतिगत बदलाव करते हुए चीनी युआन को उन मुद्राओं की सूची में शामिल कर लिया है, जिनका उपयोग स्थानीय बैंक अपने अनिवार्य विदेशी मुद्रा भंडार के लिए कर सकते हैं। यह कदम चीन के साथ अफ्रीका के इस प्रमुख तेल उत्पादक देश के गहरे आर्थिक संबंधों को उजागर करता है।
घोषणा का विवरण
बैंक ऑफ अंगोला ने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित एक निर्देश में इस बदलाव की घोषणा की। यह निर्देश 2 जुलाई का है और इसे गुरुवार को सार्वजनिक किया गया।
इस बदलाव के बाद, युआन अब स्वीकृत आरक्षित मुद्राओं की सूची में शामिल हो गया है, जिसमें पहले से ही ये मुद्राएं थीं:
- अमेरिकी डॉलर (USD)
- यूरो (EUR)
- दक्षिण अफ्रीकी रैंड (ZAR)
अनिवार्य भंडार वह धन है जिसे राष्ट्रीय बैंकों को बैंकिंग प्रणाली में वित्तीय स्थिरता और तरलता प्रबंधन (liquidity management) के लिए केंद्रीय बैंक के पास रखना आवश्यक होता है।
चीन-अंगोला संबंध और निर्णय का कारण
Adयह निर्णय अंगोला के लिए चीन के बढ़ते महत्व को दर्शाता है। चीन अंगोला का एक प्रमुख व्यापारिक भागीदार और बुनियादी ढाँचे के वित्तपोषण का एक बड़ा स्रोत बन गया है। अंगोला चीन को कच्चे तेल की आपूर्ति करता है और बदले में उसे बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं के लिए चीन से अरबों डॉलर का ऋण मिला है।
युआन को शामिल करने से दोनों देशों के बीच व्यापार और निवेश को सुगम बनाने में मदद मिल सकती है, साथ ही अमेरिकी डॉलर पर निर्भरता भी कुछ हद तक कम हो सकती है।
व्यापक संदर्भ और निवेशकों के लिए मायने
यह कदम युआन के अंतरराष्ट्रीयकरण (internationalization) की दिशा में एक और प्रगति है, खासकर अफ्रीका में, जहाँ चीन महाद्वीप का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। हालांकि, अमेरिकी डॉलर अभी भी दुनिया की प्रमुख आरक्षित और व्यापारिक मुद्रा बना हुआ है।
निवेशकों के लिए, यह चीन के बढ़ते वैश्विक वित्तीय प्रभाव का संकेत है। यह भविष्य में युआन-मूल्यवर्ग की संपत्तियों और व्यापार निपटान में वृद्धि की संभावना को भी इंगित करता है, विशेष रूप से उन देशों में जिनके चीन के साथ मजबूत आर्थिक संबंध हैं।