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BofA रिपोर्ट: अमेरिका और चीन के अलावा, दक्षिण कोरिया और UAE AI की दौड़ में प्रमुख दावेदार

Summary
बैंक ऑफ अमेरिका की एक रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की वैश्विक दौड़ में अमेरिका और चीन का दबदबा कायम है, लेकिन दक्षिण कोरिया और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश अगली पीढ़ी के विकास से लाभ उठाने के लिए मजबूत दावेदारों के रूप में उभर रहे हैं।
बैंक ऑफ अमेरिका (BofA) की एक नई रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की वैश्विक दौड़ में जहाँ अमेरिका और चीन का दबदबा बना हुआ है, वहीं कुछ अन्य देश AI विकास के अगले चरण से लाभ उठाने के लिए मजबूत दावेदारों के रूप में उभर रहे हैं। रिपोर्ट में इन अर्थव्यवस्थाओं की पहचान की गई है जो सीधे तौर पर इन दो महाशक्तियों को चुनौती देने के बजाय अपनी अनूठी ताकत का लाभ उठा रही हैं।
AI का वैश्विक परिदृश्य
BofA के अनुसार, AI का क्षेत्र तेजी से अमेरिका और चीन के आसपास केंद्रित होता जा रहा है। अमेरिका निजी निवेश, उन्नत चिप्स और कंप्यूटिंग इंफ्रास्ट्रक्चर में अपनी बढ़त बनाए हुए है। वहीं, चीन को बड़े पैमाने पर विनिर्माण, कम ऊर्जा लागत और महत्वपूर्ण खनिजों के प्रसंस्करण में प्रभुत्व का लाभ मिल रहा है।
रिपोर्ट बताती है कि अन्य देश इन दो प्रमुख खिलाड़ियों को सीधे चुनौती देने की कोशिश नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, वे सेमीकंडक्टर सप्लाई चेन, डेटा-सेंटर में निवेश और अपनी अर्थव्यवस्थाओं में AI को व्यापक रूप से अपनाकर AI-संचालित विकास को पकड़ने के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं।
प्रमुख दावेदार और उनकी ताकत
BofA ने अमेरिका और चीन के बाहर कई देशों की पहचान की है जो AI क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखते हैं।
Ad- दक्षिण कोरिया: इसे छोटी और लंबी, दोनों अवधियों के लिए सबसे मजबूत AI दावेदार के रूप में देखा गया है। कोरिया में सेमीकंडक्टर विनिर्माण, तेजी से बढ़ती AI अपनाने की दर, सहायक सरकारी नीतियां और AI को उत्पादकता लाभ में बदलने की क्षमता का एक अनूठा संयोजन है।
- संयुक्त अरब अमीरात (UAE): यह एक और प्रमुख दावेदार है, जिसे भारी सरकारी निवेश, प्रचुर ऊर्जा संसाधनों और दुनिया में सबसे ज्यादा AI अपनाने की दरों में से एक का समर्थन प्राप्त है। हालांकि, भू-राजनीतिक जोखिम एक प्रमुख अनिश्चितता बनी हुई है।
- अन्य मजबूत देश: कनाडा, जर्मनी, इज़राइल, नीदरलैंड, सिंगापुर, स्विट्जरलैंड और यूनाइटेड किंगडम को भी AI नेताओं के एक मजबूत दूसरे स्तर में शामिल किया गया है।
उभरते बाजार और भविष्य की संभावनाएं
उभरते बाजारों में, BofA ने भारत को सबसे स्पष्ट लंबी अवधि के AI चैलेंजर के रूप में उजागर किया है। रिपोर्ट के अनुसार, हालांकि भारत में वर्तमान में कुछ एशियाई देशों की तरह सेमीकंडक्टर विनिर्माण आधार की कमी है, लेकिन यह पहले से ही दुनिया के सबसे बड़े AI अपनाने वाले बाजारों में शुमार है। मजबूत नीतिगत समर्थन और रोजगार सृजन इसके दीर्घकालिक AI दृष्टिकोण में काफी सुधार कर सकता है।
रिपोर्ट में ताइवान, ऑस्ट्रेलिया और जापान को वैश्विक AI इंफ्रास्ट्रक्चर निर्माण से निकट अवधि में लाभान्वित होने वालों के रूप में भी पहचाना गया है, जिसका श्रेय सेमीकंडक्टर विनिर्माण, महत्वपूर्ण खनिजों और डेटा-सेंटर सप्लाई चेन में उनके महत्व को जाता है। इसके अतिरिक्त, AI के लिए प्रचुर और विश्वसनीय ऊर्जा एक महत्वपूर्ण प्रतिस्पर्धी लाभ बनती जा रही है, जिससे कनाडा, फ्रांस और UAE जैसे देशों को बढ़त मिल रही है।