Story
मजबूत मुद्रास्फीति आंकड़ों से ऑस्ट्रेलियाई डॉलर 2021 के बाद की सबसे लंबी साप्ताहिक बढ़त की ओर

मजबूत घरेलू मुद्रास्फीति आंकड़ों के कारण ऑस्ट्रेलियाई डॉलर तीन महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है, और यह 2021 की शुरुआत के बाद अपनी सबसे लंबी साप्ताहिक बढ़त दर्ज करने की राह पर है। इस तेजी ने बाजार में यह उम्मीदें बढ़ा दी हैं कि ऑस्ट्रेलिया का रिजर्व बैंक अपनी मौद्रिक नीति को और सख्त कर सकता है।
ऑस्ट्रेलियाई डॉलर में तेजी के कारण
जोखिम-संवेदी मुद्रा माने जाने वाले ऑस्ट्रेलियाई डॉलर (AUD) में यह उछाल इस सप्ताह की शुरुआत में जारी जुलाई महीने के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़ों के बाद आया, जो उम्मीद से कहीं ज्यादा थे। इन आंकड़ों के परिणामस्वरूप, निवेशकों ने रिजर्व बैंक ऑफ ऑस्ट्रेलिया (RBA) द्वारा एक और ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना बढ़ा दी है, जिससे ऑस्ट्रेलियाई मुद्रा को मजबूती मिली है।
शुक्रवार को, ऑस्ट्रेलियाई डॉलर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले $0.7185 के आसपास कारोबार कर रहा था, जो अन्य प्रमुख मुद्राओं की तुलना में एक बेहतर प्रदर्शन है। यदि यह बढ़त बनी रहती है, तो यह लगातार नौवें सप्ताह की तेजी होगी, जो जनवरी 2021 के बाद का सबसे लंबा सिलसिला है।
अमेरिकी डॉलर और बाजार की नजरें
व्यापक विदेशी मुद्रा बाजार में, अमेरिकी डॉलर लगभग एक सप्ताह के उच्चतम स्तर के करीब स्थिर बना हुआ है। निवेशक जैक्सन होल में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष जेरोम पॉवेल के आगामी भाषण से पहले कोई भी बड़ी पोजीशन लेने से बच रहे हैं। इस भाषण से भविष्य में अमेरिकी ब्याज दरों की दिशा के संकेत मिलने की उम्मीद है।
Adडॉलर इंडेक्स, जो छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले डॉलर के प्रदर्शन को मापता है, 99.16 पर लगभग अपरिवर्तित था। सीएमई फेडवॉच टूल (CME FedWatch Tool) के अनुसार, वित्तीय बाजार अब सितंबर में फेड द्वारा 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी की लगभग 35% संभावना और दिसंबर तक बढ़ोतरी की लगभग 75% संभावना का अनुमान लगा रहे हैं।
अन्य एशियाई मुद्राओं का प्रदर्शन
जबकि अधिकांश मुद्राएं फेड के संकेतों का इंतजार कर रही हैं, कुछ एशियाई मुद्राओं में मौद्रिक नीति के अलग-अलग रुख के कारण हलचल देखी गई।
- दक्षिण कोरियाई वॉन: दिन का सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाली मुद्रा रही। बैंक ऑफ कोरिया द्वारा अपनी बेंचमार्क दर को 25 आधार अंक बढ़ाकर 3% करने के फैसले के बाद डॉलर के मुकाबले वॉन 0.7% बढ़कर 1,371.60 पर पहुंच गया।
- जापानी येन: येन डॉलर के मुकाबले 159.40 पर स्थिर रहा। बाजार को उम्मीद है कि बैंक ऑफ जापान जल्द ही, संभवतः सितंबर में, फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है, जिससे येन को समर्थन मिल रहा है।
- भारतीय रुपया: रुपया भी एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है, क्योंकि व्यापारी अमेरिकी नीति पर स्पष्टता की प्रतीक्षा कर रहे हैं।