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अपोलो माइक्रो सिस्टम्स, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स में ₹15.5 अरब में 41% हिस्सेदारी खरीदेगी

अपोलो माइक्रो सिस्टम्स ने रक्षा उपकरण निर्माता प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स में ₹15.5 अरब (लगभग $16.25 करोड़) में 41.33% हिस्सेदारी हासिल करने की घोषणा की है। गुरुवार को कंपनियों द्वारा जारी इस बयान ने भारत के बढ़ते रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में एक और बड़े समेकन का संकेत दिया है।
सौदे का विवरण
इस अधिग्रहण के तहत, अपोलो माइक्रो सिस्टम्स प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स में एक प्रमुख हिस्सेदारी खरीदेगी। भारतीय अधिग्रहण नियमों के अनुसार, इस सौदे के बाद अपोलो माइक्रो सिस्टम्स को एक अनिवार्य खुली पेशकश (open offer) भी लानी होगी।
- कंपनी सार्वजनिक शेयरधारकों से प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स में 26% तक की अतिरिक्त हिस्सेदारी खरीदने की पेशकश करेगी।
- इस खुली पेशकश के लिए मूल्य ₹698 प्रति शेयर निर्धारित किया गया है।
रणनीतिक महत्व और बाजार पर प्रभाव
Adअपोलो माइक्रो ने कहा कि यह अधिग्रहण दोनों कंपनियों की क्षमताओं को एक साथ लाता है - अपोलो की विशेषज्ञता रक्षा प्रणालियों में है, जबकि प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स उच्च-ऊर्जा सामग्री और प्रणोदन प्रणालियों में माहिर है। इस तालमेल से कंपनियों को रक्षा और अंतरिक्ष कार्यक्रमों में अपनी भागीदारी का विस्तार करने में मदद मिलेगी।
यह सौदा भारत के रक्षा विनिर्माण क्षेत्र में बढ़ते समेकन की प्रवृत्ति को भी दर्शाता है। सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादन (आत्मनिर्भर भारत) पर जोर देने और रक्षा बजट में वृद्धि के कारण इस क्षेत्र में विलय और अधिग्रहण की गतिविधियां तेज हुई हैं। अधिग्रहण के बाद भी, प्रीमियर एक्सप्लोसिव्स अपने मौजूदा ब्रांड नाम के तहत काम करना जारी रखेगी।
विनियामक प्रक्रिया और भविष्य की राह
इस सौदे को पूरा होने में लगभग पांच महीने लगने की उम्मीद है। इसे लागू करने से पहले कई विनियामक मंजूरियों की आवश्यकता होगी, जिसमें भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (CCI) से मंजूरी मिलना सबसे महत्वपूर्ण है। निवेशकों और बाजार विश्लेषकों की नजर इस प्रक्रिया पर रहेगी, क्योंकि यह सौदा रक्षा क्षेत्र के भविष्य के परिदृश्य को प्रभावित कर सकता है।