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अमेरिकी सदन ने डेटा सेंटरों की बिजली लागत से घरों को बचाने के लिए विधेयक पारित किया

Summary
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने 'रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट' को भारी बहुमत से पारित कर दिया है, जिसका उद्देश्य डेटा सेंटर विस्तार के कारण बढ़ती बिजली की कीमतों से आवासीय ग्राहकों की रक्षा करना है।
अमेरिकी प्रतिनिधि सभा ने बुधवार को एक कानून पारित किया है जिसका उद्देश्य डेटा सेंटरों के विस्तार के कारण आवासीय बिजली ग्राहकों को लागत वृद्धि से बचाना है। 'रेटपेयर प्रोटेक्शन एक्ट' नामक इस विधेयक के पक्ष में 417-3 के भारी बहुमत से मतदान हुआ।
विधेयक का उद्देश्य
यह विधेयक राज्य के उपयोगिता नियामकों (utility regulators) के लिए यह मूल्यांकन करना अनिवार्य करेगा कि क्या डेटा सेंटर सहित बड़े बिजली उपयोगकर्ताओं को अपने संचालन के लिए आवश्यक अतिरिक्त बिजली के बुनियादी ढांचे के लिए भुगतान करना चाहिए। यह पहली बार है जब सदन ने डेटा सेंटर उद्योग के विकास से संबंधित आर्थिक चिंताओं को सीधे संबोधित करने वाले किसी कानून को मंजूरी दी है।
यह कदम उन सांसदों की प्रतिक्रिया है जिन्हें अपने मतदाताओं से उद्योग की बढ़ती बिजली खपत से जुड़े बिजली बिलों में वृद्धि के बारे में लगातार शिकायतें मिल रही हैं।
राजनीतिक संदर्भ और समर्थन
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने डेटा सेंटर के विकास के लिए मजबूत समर्थन व्यक्त किया है, जिसे वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में अमेरिकी नेतृत्व बनाए रखने के लिए आवश्यक मानते हैं। इसी सप्ताह की शुरुआत में, ट्रम्प ने डेटा सेंटरों को व्यक्तियों और राज्यों के लिए धन पैदा करने वाला बताया और उनकी तुलना "अगले 20, 25 वर्षों के तेल" से की।
Adविधेयक को दोनों राजनीतिक दलों का समर्थन मिला, जो इस मुद्दे की बढ़ती गंभीरता को दर्शाता है। हालांकि, यह कानून डेटा सेंटर के विकास को पूरी तरह से रोकने के बजाय उसकी लागत को वितरित करने पर केंद्रित है।
आलोचना और चिंताएं
इस विधेयक की पर्यावरण और संरक्षण समूहों द्वारा आलोचना की गई है। उनका तर्क है कि यह डेटा सेंटरों के बिजली लागत पर प्रभाव को सीमित करने के लिए पर्याप्त नहीं है, क्योंकि राज्य उपयोगिता नियामकों के लिए निर्धारित आवश्यकताएं काफी हद तक स्वैच्छिक हैं।
आलोचकों ने यह भी चिंता जताई कि यह अधिनियम देश में AI के निर्माण में और तेजी ला सकता है, जिससे ऊर्जा की मांग और भी बढ़ सकती है।