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ईरान के खिलाफ अमेरिकी अभियान लंबा नहीं चलेगा: डोनाल्ड ट्रंप

Summary
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ हालिया सैन्य अभियान "बहुत लंबा" नहीं चलेगा। यह बयान तेहरान और वाशिंगटन के बीच जुलाई के बाद सबसे बड़ी सैन्य झड़प के बाद आया है, जिससे वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिका का नया अभियान "बहुत लंबा" नहीं चलेगा। यह बयान वाशिंगटन और तेहरान के बीच जुलाई के बाद हुई सबसे बड़ी गोलीबारी के बाद आया है, जिससे मध्य पूर्व में तनाव और बढ़ गया है।
अमेरिकी कार्रवाई का विवरण
ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बात करते हुए, ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका ने ईरान के उन सिस्टम को निशाना बनाया है जिन्हें वह होर्मुज जलडमरूमध्य के पास बना रहा था। उन्होंने कहा कि ईरान एक ऐसा रॉकेट बनाने की कोशिश कर रहा था जो माइन (समुद्री बारूदी सुरंग) गिरा सकता है, जिसे अमेरिकी सेना ने नष्ट कर दिया।
ट्रंप के अनुसार, अमेरिकी हमलों में निम्नलिखित को लक्षित किया गया:
- ईरान के बहाल किए गए रडार और मिसाइल सिस्टम।
- होर्मुज जलडमरूमध्य के किनारे बनाए गए नए उपकरण, जिनमें कुछ रक्षात्मक और कुछ आक्रामक थे।
Adट्रंप ने कहा, "पिछली रात यह एक बहुत भारी हमला था, और हम जब चाहें दूसरा हमला करने के लिए तैयार हैं।"
बाज़ार पर प्रभाव और भू-राजनीतिक संदर्भ
यह सैन्य टकराव होर्मुज जलडमरूमध्य के पास हुआ है, जो दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल शिपिंग मार्गों में से एक है। इस क्षेत्र में किसी भी तरह का सैन्य तनाव वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में संभावित रुकावट को लेकर चिंता पैदा करता है, जिससे अक्सर तेल की कीमतों में तेज़ी आती है।
जुलाई के बाद से यह सबसे बड़ी झड़प है, जो दोनों देशों के बीच तनाव में एक महत्वपूर्ण वृद्धि का संकेत देती है। निवेशक और ऊर्जा बाज़ार इस स्थिति पर करीब से नज़र रखेंगे, क्योंकि आगे किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई से तेल की कीमतों में और अस्थिरता आ सकती है।