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खाड़ी में तनाव से तेल और डॉलर मजबूत, स्टर्लिंग में हल्की बढ़त

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Jul 12, 20262 min read
खाड़ी में तनाव से तेल और डॉलर मजबूत, स्टर्लिंग में हल्की बढ़त

Summary

मध्य पूर्व में अमेरिकी हमलों के बाद तेल की कीमतों में उछाल आया, जिससे अमेरिकी डॉलर को मजबूती मिली। इस बीच, ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग और यूरो में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई।

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Background

गुरुवार को ब्रिटिश पाउंड स्टर्लिंग में मामूली मजबूती देखी गई, जबकि मध्य पूर्व में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने तेल की कीमतों और अमेरिकी डॉलर को सहारा दिया। बाजार का मानना है कि ऊर्जा की ऊंची कीमतें अमेरिकी फेडरल रिजर्व को अपनी आक्रामक मौद्रिक नीति बनाए रखने के लिए प्रेरित कर सकती हैं।

खाड़ी संकट का बाजार पर असर

उत्तरी इराक में अमेरिकी सेना द्वारा बुनियादी ढांचा लक्ष्यों पर हमला करने के बाद डॉलर को समर्थन मिला, जो अप्रैल की शुरुआत के बाद इस तरह की पहली कार्रवाई थी। इस घटना के कारण ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत कुछ समय के लिए $80 प्रति बैरल से ऊपर चली गई।

आईएनजी (ING) के ग्लोबल हेड ऑफ मार्केट्स, क्रिस टर्नर के अनुसार, "ऊर्जा की ऊंची कीमतें फेड के आक्रामक रुख (hawks) को बढ़ावा देंगी और डॉलर को गिरावट पर समर्थन देती रहेंगी।" उन्होंने कहा कि डॉलर इंडेक्स (DXY), जो लगभग 101 के पास कारोबार कर रहा है, 101.50 के स्तर तक चढ़ सकता है।

स्टर्लिंग और यूरो की चाल

सुबह के कारोबार में, GBP/USD 0.03% बढ़कर 1.3390 पर कारोबार कर रहा था, जबकि EUR/USD 0.11% चढ़कर 1.1429 पर पहुंच गया। आईएनजी ने उल्लेख किया कि स्टर्लिंग की बढ़त ब्रिटेन के बुनियादी आर्थिक कारकों के कारण नहीं है, बल्कि यह एक ऐसा पैटर्न है जो भू-राजनीतिक संकटों के दौरान देखा जाता है।

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यूरो ने भी तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद मजबूती दिखाई है। इसका कारण यह है कि मुद्रा बाजारों में यह उम्मीद बढ़ रही है कि यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) सितंबर में फिर से ब्याज दरें बढ़ा सकता है। हालांकि, आईएनजी का मानना है कि फेडरल रिजर्व की नीति एक अधिक প্রভাবশালী कारक बनी रहेगी, जो EUR/USD पर दबाव डाल सकती है।

आगे क्या होगा?

बुधवार को जारी हुए फेडरल ओपन मार्केट कमेटी (FOMC) के मिनट्स से पता चला कि अधिकारी दर कटौती में देरी और तत्काल बढ़ोतरी दोनों को "समान रूप से विश्वसनीय" परिदृश्य के रूप में देख रहे थे।

निवेशक अब न्यूयॉर्क फेड के अध्यक्ष जॉन विलियम्स के भाषण पर नजर रखेंगे, जिन्हें नरम रुख (dovish) वाला माना जाता है। इसके अलावा, अगले सप्ताह आने वाले जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े और फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वॉर्श की गवाही बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होगी।

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