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यूरोनेक्स्ट गेहूं वायदा नए अनुबंध के उच्चतम स्तर पर, काला सागर तनाव से आपूर्ति की चिंताएं बढ़ीं

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Sep 4, 20262 min read
यूरोनेक्स्ट गेहूं वायदा नए अनुबंध के उच्चतम स्तर पर, काला सागर तनाव से आपूर्ति की चिंताएं बढ़ीं

Summary

काला सागर क्षेत्र में बढ़ते तनाव और आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं के कारण यूरोनेक्स्ट गेहूं वायदा की कीमतें एक नए अनुबंध के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं, जिससे वैश्विक खाद्य सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

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Background

यूरोनेक्स्ट गेहूं वायदा बुधवार को एक नए अनुबंध के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, क्योंकि काला सागर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने रूस और यूक्रेन से अनाज निर्यात की बहाली की उम्मीदों को कम कर दिया है। बाजार में यह चिंता व्याप्त है कि संघर्ष के कारण वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में लंबे समय तक व्यवधान बना रह सकता है।

कीमतों में रिकॉर्ड उछाल

Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, ग्रीनविच मीन टाइम (GMT) 17:05 बजे तक, यूरोनेक्स्ट दिसंबर गेहूं वायदा 1.3% बढ़कर €256.75 प्रति मीट्रिक टन ($297.57) पर कारोबार कर रहा था। दिन के कारोबार के दौरान, यह अनुबंध €259.25 के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया, जो अगले महीने के अनुबंध के लिए दो साल का रिकॉर्ड है।

यह तेजी केवल यूरोप तक ही सीमित नहीं थी। शिकागो में भी गेहूं की कीमतों ने कारोबारी सत्र के दौरान साढ़े तीन साल का उच्चतम स्तर छुआ। विश्लेषकों का कहना है कि कच्चे तेल और मक्के की कीमतों में मजबूती ने भी गेहूं बाजार में खरीदारी की भावना को और बढ़ावा दिया है।

आपूर्ति संबंधी चिंताएं बढ़ीं

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कीमतों में इस उछाल का मुख्य कारण काला सागर क्षेत्र की अस्थिरता है। हाल के हफ्तों में रूसी और यूक्रेनी बंदरगाहों पर हुए हमलों के कारण अनाज की लोडिंग लगभग ठप हो गई है। इसके परिणामस्वरूप, आयातक देशों को अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए वैकल्पिक आपूर्तिकर्ताओं की तलाश करनी पड़ रही है, जिससे वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा बढ़ गई है।

तुर्की द्वारा सुरक्षित व्यापार गलियारे के लिए मध्यस्थता के प्रयास भी विफल रहे हैं, क्योंकि रूस ने संबंधित अनाज समझौते के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया है। रिपोर्टों के अनुसार, मॉस्को और कीव दोनों एक-दूसरे के बंदरगाह और शिपिंग बुनियादी ढांचे को लगातार निशाना बना रहे हैं, जिससे निकट भविष्य में निर्यात सामान्य होने की संभावना कम हो गई है।

बाजार और निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है

काला सागर क्षेत्र से गेहूं की आपूर्ति में व्यवधान वैश्विक खाद्य सुरक्षा के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करता है, क्योंकि रूस और यूक्रेन दुनिया के प्रमुख अनाज निर्यातकों में से हैं। निवेशकों और व्यापारियों के लिए, यह स्थिति कमोडिटी बाजारों में बढ़ी हुई अस्थिरता का संकेत देती है। जब तक इस क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता, गेहूं और अन्य अनाजों की कीमतों में तेजी का दबाव बने रहने की आशंका है।

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